कक्षा 10 गणित अध्याय 5 समांतर श्रेढ़ियाँ – नोट्स, प्रश्न उत्तर, MCQ टेस्ट
कक्षा 10 गणित अध्याय 5 समांतर श्रेढ़िय – नोट्स, प्रश्न उत्तर व MCQ टेस्ट
Class 10 Maths Chapter 5 Arithmetic Progressions Notes, Questions With Answers & 50 MCQ Test (CBSE / Bihar Board)
समांतर श्रेढ़ी (AP) क्या है?
संख्याओं की ऐसी सूची जिसमें हर अगला पद (Term) पिछले पद में एक निश्चित संख्या जोड़ने पर मिलता है।
इस निश्चित संख्या को सार्व अंतर (Common Difference - d) कहते हैं।
बस बाद वाले पद में से पहले वाले पद को घटाएं (a₂ - a₁). अगर हर बार अंतर समान आए, तो वह AP है।
उदाहरण: 2, 4, 6, 8... (अंतर 2 है → AP है)
उदाहरण: 2, 4, 8, 16... (अंतर 2, फिर 4 है → AP नहीं है)
- a = प्रथम पद (First Term)
- d = सार्व अंतर (Common Difference)
- n = पदों की संख्या (Number of Terms)
- aₙ = nवां पद (nth Term)
- Sₙ = n पदों का योग (Sum of n Terms)
nवां पद ज्ञात करना (aₙ)
अगर आपको किसी AP का 10वां, 50वां या 100वां पद निकालना हो, तो पूरी गिनती लिखने की जरूरत नहीं है। बस यह सूत्र लगाएँ:
aₙ = a + (n - 1)d
पहला पद तो a ही होता है (उसमें d नहीं जुड़ता)।
दूसरा पद a + 1d है।
तीसरा पद a + 2d है।
मतलब, जितना पद का नंबर होता है, d उससे एक कम बार जुड़ता है। इसलिए (n-1)।
उदाहरण 1: AP: 2, 7, 12, 17... का 10वां पद निकालें।
चरण 1: मान पहचानें।a = 2
d = 7 - 2 = 5
n = 10 (क्योंकि 10वां पद चाहिए)
चरण 2: सूत्र में रखें।
a₁₀ = 2 + (10 - 1) × 5
a₁₀ = 2 + 9 × 5
a₁₀ = 2 + 45
पदों की संख्या (n) ज्ञात करना
कभी-कभी हमें पता होता है कि आखिरी पद कौन सा है, लेकिन यह नहीं पता होता कि वह कौन से नंबर पर है।
उदाहरण 2: AP: 21, 18, 15... का कौन सा पद -81 है?
चरण 1: मान पहचानें।a = 21
d = 18 - 21 = -3 (ध्यान दें: d ऋणात्मक है)
aₙ = -81 (यह हमारा अंतिम लक्ष्य है)
n = ? (यह निकालना है)
चरण 2: सूत्र का प्रयोग करें और समीकरण हल करें।
aₙ = a + (n - 1)d
-81 = 21 + (n - 1)(-3)
चरण 3: पक्षांतरण (Transposition) करें।
-81 - 21 = (n - 1)(-3)
-102 = (n - 1)(-3)
चरण 4: भाग दें और n निकालें।
-102 / -3 = n - 1
34 = n - 1
n = 34 + 1
n पदों का योग (Sₙ) ज्ञात करना
अगर आपको 1 से 100 तक जोड़ना हो, या किसी AP के 20 पदों का जोड़ निकालना हो, तो यह जादुई सूत्र काम आता है।
Sₙ = n/2 [2a + (n - 1)d]
छोटा सूत्र (जब अंतिम पद 'l' पता हो)
Sₙ = n/2 (a + l)
महान गणितज्ञ गाउस ने बचपन में खोजा था कि अगर आप पहली और आखिरी संख्या को जोड़ें (a+l), और उसे कुल जोड़ों की संख्या (n/2) से गुणा कर दें, तो कुल योग आ जाता है।
उदाहरण 3: AP: 8, 3, -2... के प्रथम 22 पदों का योग ज्ञात करें।
चरण 1: मान पहचानें।a = 8
d = 3 - 8 = -5
n = 22
चरण 2: बड़े सूत्र का प्रयोग (क्योंकि अंतिम पद नहीं पता)।
S₂₂ = 22/2 [2(8) + (22 - 1)(-5)]
S₂₂ = 11 [16 + 21(-5)]
S₂₂ = 11 [16 - 105]
S₂₂ = 11 [-89]
शब्द समस्याएं (Word Problems)
AP का उपयोग दैनिक जीवन में बहुत होता है, जैसे वेतन वृद्धि, बचत, या सीटों की व्यवस्था।
उदाहरण 4: फूलों की क्यारी
एक क्यारी की पहली पंक्ति में 23 गुलाब के पौधे हैं, दूसरी में 21, तीसरी में 19, इत्यादि। अंतिम पंक्ति में 5 पौधे हैं। कुल कितनी पंक्तियाँ हैं?चरण 1: इसे AP के रूप में लिखें।
23, 21, 19, ..., 5
यहाँ a = 23, d = 21 - 23 = -2, aₙ = 5 है।
चरण 2: n ज्ञात करना है।
aₙ = a + (n - 1)d
5 = 23 + (n - 1)(-2)
5 - 23 = (n - 1)(-2)
-18 = (n - 1)(-2)
-18 / -2 = n - 1
9 = n - 1 ⇒ n = 10
📝 परीक्षा सारांश (Exam Summary)
- 🔢 n और aₙ में अंतर: छात्र अक्सर इसमें भ्रमित होते हैं।
• n: पद की स्थिति (Position) या रोल नंबर है (यह हमेशा धनात्मक पूर्णांक होगा, कभी भिन्न नहीं)।
• aₙ: उस स्थिति पर लिखी हुई संख्या (Value) है। - ⚠️ सार्व अंतर (d): d निकालते समय हमेशा (दूसरा पद - पहला पद) करें, यानी (a₂ - a₁)। कभी भी बड़े में से छोटा न घटाएं, क्योंकि d ऋणात्मक (-) भी हो सकता है।
- 🔚 अंत से nवां पद: यदि प्रश्न पूछे "अंतिम पद से 10वां पद ज्ञात करें", तो पूरी AP पलटने की जगह सीधा यह शॉर्टकट सूत्र लगाएँ: l - (n - 1)d। (यहाँ l अंतिम पद है)।
- ➕ योग (Sum) वाले प्रश्न: यदि अंतिम पद (l) दिया हो, तो बड़े सूत्र की जगह छोटा सूत्र Sₙ = n/2 (a + l) प्रयोग करें। इससे समय बचता है।
(नीचे दिए गए प्रश्नों को हल करें और अपनी तैयारी जांचें)
1. सबसे पहले A.P. के पहले दो पदों को देखिए:
पहला पद a = 2
दूसरा पद = 7
2. सार्व अंतर (d) निकालिए:
d = दूसरा पद - पहला पद
d = 7 - 2 = 5
यानी हर बार अगला पद पिछले से 5 ज्यादा है।
3. हमें 10वाँ पद (a10) निकालना है।
सामान्य पद का सूत्र:
an = a + (n - 1)d
4. यहाँ n = 10 है, इसलिए:
a10 = a + (10 - 1)d
a10 = 2 + 9 × 5
5. अब गुणा कीजिए:
9 × 5 = 45
इसलिए:
a10 = 2 + 45
a10 = 47
निष्कर्ष:
दी गई समांतर श्रेढ़ी का 10वाँ पद 47 है।
1. समांतर श्रेढ़ी होने की शर्त:
हर दो लगातार (एक के बाद एक) पदों के बीच का अंतर समान होना चाहिए।
2. पहला अंतर निकालें:
d1 = 11 - 5 = 6
3. दूसरा अंतर निकालें:
d2 = 17 - 11 = 6
4. तीसरा अंतर निकालें:
d3 = 23 - 17 = 6
5. अब देखिए:
d1 = d2 = d3 = 6
यानी हर जगह अंतर 6 ही मिला।
निष्कर्ष:
क्योंकि हर दो पदों के बीच का अंतर समान (6) है, इसलिए 5, 11, 17, 23, ... एक समांतर श्रेढ़ी (A.P.) है।
1. पहले पद और सार्व अंतर पहचानें:
पहला पद a = 21
दूसरा पद = 18
इसलिए d = 18 - 21 = -3
यानी हर बार 3 घट रहा है।
2. मान लेते हैं कि -81 इस A.P. का nवाँ पद है:
an = -81
3. सामान्य पद का सूत्र:
an = a + (n - 1)d
-81 = 21 + (n - 1)(-3)
4. अब हल करें:
-81 = 21 - 3(n - 1)
पहले 21 को दूसरी तरफ ले जाएँ:
-81 - 21 = -3(n - 1)
-102 = -3(n - 1)
5. दोनों तरफ -3 से भाग दें:
-102 / -3 = n - 1
34 = n - 1
n = 34 + 1
n = 35
निष्कर्ष:
इस A.P. का 35वाँ पद -81 है।
1. दिया है:
a11 = 38
a16 = 73
2. सामान्य पद के सूत्र से लिखें:
a11 = a + 10d = 38 ...(1)
a16 = a + 15d = 73 ...(2)
3. अब (2) में से (1) घटाएँ, ताकि a हट जाए:
(a + 15d) - (a + 10d) = 73 - 38
a + 15d - a - 10d = 35
5d = 35
d = 35 / 5 = 7
4. अब d = 7 को समीकरण (1) में रखें:
a + 10 × 7 = 38
a + 70 = 38
a = 38 - 70
a = -32
5. अब 31वाँ पद निकालें:
a31 = a + 30d
a31 = -32 + 30 × 7
a31 = -32 + 210
a31 = 178
निष्कर्ष:
उस A.P. का 31वाँ पद 178 है।
1. दो अंकों की संख्याएँ 10 से 99 तक होती हैं。
2. अब 3 से विभाज्य (कटने वाली) सबसे छोटी दो अंकों की संख्या खोजें:
3 का पहाड़ा देखें:
3 × 4 = 12
इसलिए पहली संख्या 12 होगी।
3. सबसे बड़ी दो अंकों की संख्या जो 3 से कटती है:
3 × 33 = 99
इसलिए आख़िरी संख्या 99 है।
4. अब 12, 15, 18, ..., 99 एक A.P. बनाती है।
पहला पद a = 12
सार्व अंतर d = 3
अंतिम पद an = 99
5. सूत्र:
an = a + (n - 1)d
99 = 12 + (n - 1)3
6. हल करें:
99 - 12 = 3(n - 1)
87 = 3(n - 1)
87 / 3 = n - 1
29 = n - 1
n = 30
निष्कर्ष:
दो अंकों की कुल 30 संख्याएँ 3 से विभाज्य हैं。
1. पहले a और d निकालें:
पहला पद a = 8
दूसरा पद = 3
d = 3 - 8 = -5
यानी हर बार 5 घट रहा है।
2. हमें n = 22 पदों का योग S22 निकालना है。
सूत्र:
Sn = n/2 [2a + (n - 1)d]
3. मान रखिए:
S22 = 22/2 [2 × 8 + (22 - 1)(-5)]
S22 = 11 [16 + 21 × (-5)]
4. 21 × (-5) = -105
इसलिए:
S22 = 11 [16 - 105]
= 11 × (-89)
5. अब गुणा करें:
11 × (-89) = -979
निष्कर्ष:
इस A.P. के प्रथम 22 पदों का योग -979 है。
1. दिया है:
S14 = 1050
n = 14
पहला पद a = 10
2. योग का सूत्र:
Sn = n/2 [2a + (n - 1)d]
1050 = 14/2 [2 × 10 + (14 - 1)d]
1050 = 7 [20 + 13d]
3. अब 7 से भाग दें:
1050 / 7 = 20 + 13d
150 = 20 + 13d
4. 20 को दूसरी तरफ ले जाएँ:
150 - 20 = 13d
130 = 13d
d = 130 / 13 = 10
5. अब 20वाँ पद a20 निकालें:
a20 = a + 19d
a20 = 10 + 19 × 10
a20 = 10 + 190
a20 = 200
निष्कर्ष:
इस A.P. का 20वाँ पद 200 है。
1. दिया है:
कुल पद n = 50
तीसरा पद a3 = 12
अंतिम (50वाँ) पद a50 = 106
2. सामान्य पद के सूत्र से समीकरण बनाते हैं:
a3 = a + 2d = 12 ...(1)
a50 = a + 49d = 106 ...(2)
3. अब (2) में से (1) घटाते हैं:
(a + 49d) - (a + 2d) = 106 - 12
a + 49d - a - 2d = 94
47d = 94
d = 94 / 47 = 2
4. अब d = 2 को समीकरण (1) में रखें:
a + 2 × 2 = 12
a + 4 = 12
a = 12 - 4
a = 8
5. अब 29वाँ पद निकालें:
a29 = a + 28d
a29 = 8 + 28 × 2
a29 = 8 + 56
a29 = 64
निष्कर्ष:
इस A.P. का 29वाँ पद 64 है。
1. योग का सूत्र:
Sn = n/2 [2a + (n - 1)d]
2. प्रथम 7 पदों के लिए:
S7 = 49
49 = 7/2 [2a + (7 - 1)d]
49 = 7/2 [2a + 6d]
दोनों तरफ 2 से गुणा और 7 से भाग:
49 × 2 / 7 = 2a + 6d
14 = 2a + 6d
2 से भाग दें:
7 = a + 3d ...(1)
3. प्रथम 17 पदों के लिए:
S17 = 289
289 = 17/2 [2a + (17 - 1)d]
289 = 17/2 [2a + 16d]
289 × 2 / 17 = 2a + 16d
34 = 2a + 16d
2 से भाग दें:
17 = a + 8d ...(2)
4. अब (2) में से (1) घटाएँ:
(a + 8d) - (a + 3d) = 17 - 7
a + 8d - a - 3d = 10
5d = 10
d = 2
5. d = 2 को (1) में रखें:
7 = a + 3 × 2
7 = a + 6
a = 7 - 6
a = 1
6. अब n पदों के योग का सामान्य सूत्र लिखें:
Sn = n/2 [2a + (n - 1)d]
Sn = n/2 [2 × 1 + (n - 1) × 2]
Sn = n/2 [2 + 2n - 2]
2 और -2 कट जाते हैं:
Sn = n/2 [2n]
Sn = n × n
Sn = n²
निष्कर्ष:
इस A.P. के प्रथम n पदों का योग Sn = n² है。
1. 0 और 50 के बीच की विषम संख्याएँ लिखिए:
1, 3, 5, 7, ..., 49
2. यह एक A.P. है:
पहला पद a = 1
दूसरा पद = 3
इसलिए d = 3 - 1 = 2
अंतिम पद an = 49
3. पहले यह जानें कि कुल कितनी विषम संख्याएँ हैं (यानी n क्या है)。
सूत्र:
an = a + (n - 1)d
49 = 1 + (n - 1)2
4. हल करें:
49 - 1 = 2(n - 1)
48 = 2(n - 1)
48 / 2 = n - 1
24 = n - 1
n = 25
यानी ऐसी कुल 25 विषम संख्याएँ हैं。
5. अब योग Sn का सूत्र लगाएँ:
Sn = n/2 (a + an)
यहाँ n = 25, a = 1, an = 49
S25 = 25/2 (1 + 49)
S25 = 25/2 × 50
6. 50 को 2 से भाग दें:
50 / 2 = 25
इसलिए:
S25 = 25 × 25
S25 = 625
निष्कर्ष:
0 और 50 के बीच सभी विषम संख्याओं का योग 625 है。
📊 Test Result
Score: 0%
Comments
Post a Comment