कक्षा 10 गणित अध्याय 6 त्रिभुज – नोट्स, प्रश्न उत्तर व MCQ टेस्ट
कक्षा 10 गणित अध्याय 6 त्रिभुज – नोट्स, प्रश्न उत्तर व MCQ टेस्ट
Class 10 Maths Chapter 6 Triangles Notes, Questions With Answers & 50 MCQ Test (CBSE / Bihar Board)
सर्वांगसमता बनाम समरूपता (Difference)
कक्षा 9 में आपने सर्वांगसमता (Congruence) पढ़ी थी, कक्षा 10 में हम समरूपता (Similarity) पढ़ेंगे। अंतर समझें:
1. सर्वांगसम (Congruent) ≅
आकार (Shape) और आमाप (Size) दोनों समान होते हैं।
उदाहरण: एक ही कंपनी के दो 5 रुपये के सिक्के।
आकार (Shape) और आमाप (Size) दोनों समान होते हैं।
उदाहरण: एक ही कंपनी के दो 5 रुपये के सिक्के।
2. समरूप (Similar) ~
आकार (Shape) समान होता है, लेकिन आमाप (Size) अलग हो सकता है।
उदाहरण: ताजमहल और उसका छोटा मॉडल।
आकार (Shape) समान होता है, लेकिन आमाप (Size) अलग हो सकता है।
उदाहरण: ताजमहल और उसका छोटा मॉडल।
बहुभुजों की समरूपता की शर्त:
दो बहुभुज (जैसे त्रिभुज, वर्ग) समरूप होते हैं यदि:
1. उनके संगत कोण (Corresponding Angles) बराबर हों।
2. उनकी संगत भुजाएँ (Corresponding Sides) एक ही अनुपात (समानुपाती) में हों।
दो बहुभुज (जैसे त्रिभुज, वर्ग) समरूप होते हैं यदि:
1. उनके संगत कोण (Corresponding Angles) बराबर हों।
2. उनकी संगत भुजाएँ (Corresponding Sides) एक ही अनुपात (समानुपाती) में हों।
आधारभूत समानुपातिकता प्रमेय (BPT / Thales Theorem)
यह इस अध्याय का सबसे महत्वपूर्ण प्रमेय है। यह त्रिभुज की भुजाओं के अनुपात के बारे में है।
प्रमेय का कथन:
यदि किसी त्रिभुज की एक भुजा के समांतर अन्य दो भुजाओं को काटने के लिए एक रेखा खींची जाए (जैसे DE || BC), तो अन्य दो भुजाएं एक ही अनुपात में विभाजित हो जाती हैं।
यदि किसी त्रिभुज की एक भुजा के समांतर अन्य दो भुजाओं को काटने के लिए एक रेखा खींची जाए (जैसे DE || BC), तो अन्य दो भुजाएं एक ही अनुपात में विभाजित हो जाती हैं।
AD / DB = AE / EC
उदाहरण 1:
चित्र में यदि DE || BC है, AD = 1.5 cm, DB = 3 cm, और AE = 1 cm है, तो EC ज्ञात करें।हल:
चूँकि DE || BC है, इसलिए BPT से:
AD / DB = AE / EC
1.5 / 3 = 1 / EC
1 / 2 = 1 / EC (क्योंकि 1.5 का दुगुना 3 है)
वज्र-गुणन (Cross multiply) करने पर:
EC = 2 cm
त्रिभुजों की समरूपता के नियम (Criteria)
हमें हर बार सभी कोण और भुजाएं चेक करने की ज़रूरत नहीं है। इन 3 नियमों से काम चल जाता है:
A. कोण-कोण-कोण (AAA) या (AA):
यदि दो त्रिभुजों के संगत कोण बराबर हों, तो वे समरूप होते हैं।
(नोट: अगर दो कोण बराबर हों, तो तीसरा अपने आप बराबर हो जाता है, इसलिए इसे AA नियम भी कहते हैं।)
यदि दो त्रिभुजों के संगत कोण बराबर हों, तो वे समरूप होते हैं।
(नोट: अगर दो कोण बराबर हों, तो तीसरा अपने आप बराबर हो जाता है, इसलिए इसे AA नियम भी कहते हैं।)
B. भुजा-भुजा-भुजा (SSS):
यदि दो त्रिभुजों की संगत भुजाओं का अनुपात समान हो, तो वे समरूप होते हैं।
(ध्यान दें: भुजाएं बराबर होना जरूरी नहीं, उनका अनुपात बराबर होना चाहिए।)
यदि दो त्रिभुजों की संगत भुजाओं का अनुपात समान हो, तो वे समरूप होते हैं।
(ध्यान दें: भुजाएं बराबर होना जरूरी नहीं, उनका अनुपात बराबर होना चाहिए।)
C. भुजा-कोण-भुजा (SAS):
यदि एक कोण बराबर हो और उस कोण को बनाने वाली दोनों भुजाएं समानुपाती हों, तो त्रिभुज समरूप होते हैं।
यदि एक कोण बराबर हो और उस कोण को बनाने वाली दोनों भुजाएं समानुपाती हों, तो त्रिभुज समरूप होते हैं।
समरूप त्रिभुजों का क्षेत्रफल
दो समरूप त्रिभुजों के क्षेत्रफलों का अनुपात उनकी संगत भुजाओं के अनुपात के वर्ग (Square) के बराबर होता है।
सूत्र (Formula)
Area(ΔABC) / Area(ΔPQR) = (AB / PQ)² = (BC / QR)² = (CA / RP)²
Area(ΔABC) / Area(ΔPQR) = (AB / PQ)² = (BC / QR)² = (CA / RP)²
उदाहरण 2:
दो समरूप त्रिभुजों की भुजाओं का अनुपात 4:9 है। उनके क्षेत्रफलों का अनुपात क्या होगा?हल:
क्षेत्रफलों का अनुपात = (भुजाओं का अनुपात)²
= (4 / 9)²
= 16 / 81
उत्तर: 16:81
पाइथागोरस प्रमेय (Pythagoras Theorem)
समकोण त्रिभुज (Right-angled Triangle) में सबसे महत्वपूर्ण प्रमेय।
प्रमेय:
एक समकोण त्रिभुज में, कर्ण का वर्ग (Hypotenuse Square) शेष दो भुजाओं के वर्गों के योग के बराबर होता है।
एक समकोण त्रिभुज में, कर्ण का वर्ग (Hypotenuse Square) शेष दो भुजाओं के वर्गों के योग के बराबर होता है।
H² = P² + B²
(अर्थात: AC² = AB² + BC²)
विलोम (Converse):
यदि किसी त्रिभुज में एक भुजा का वर्ग अन्य दो भुजाओं के वर्गों के योग के बराबर हो, तो पहली भुजा के सामने का कोण समकोण (90°) होता है।📝 परीक्षा सारांश (Exam Summary)
- 🏆 थेल्स प्रमेय (BPT) [Most Important]: यह प्रमेय (Basic Proportionality Theorem) बोर्ड परीक्षा का सबसे पसंदीदा टॉपिक है। इसका कथन (Statement) और सिद्धिकरण (Proof) 5 नंबर में अक्सर पूछा जाता है।
- 📐 समरूपता की शर्तें: दो त्रिभुज समरूप होंगे यदि:
1. संगत कोण बराबर हों (AAA)।
2. संगत भुजाएँ समानुपाती हों (SSS)।
3. एक कोण बराबर हो और उसे बनाने वाली भुजाएँ समानुपाती हों (SAS)। - ⚠️ क्षेत्रफल प्रमेय: याद रखें, समरूप त्रिभुजों के क्षेत्रफलों का अनुपात उनकी संगत भुजाओं के अनुपात के वर्ग (Square) के बराबर होता है।
Ar(ABC)/Ar(PQR) = (AB/PQ)²। छात्र अक्सर वर्ग करना भूल जाते हैं। - 🔨 पाइथागोरस प्रमेय: इसका विलोम (Converse) भी महत्वपूर्ण है। यदि (बड़ी भुजा)² = (शेष दो भुजाओं का वर्ग योग), तो बड़ी भुजा के सामने का कोण 90° होगा।
"थेल्स प्रमेय (BPT) और पाइथागोरस प्रमेय को लिखकर अभ्यास करें। सिद्ध करने वाले प्रश्नों में 'दिया है', 'सिद्ध करना है' और 'रचना' लिखना अनिवार्य है।"
📋 पाठ-आधारित महत्वपूर्ण प्रश्न (Self Test)
(नीचे दिए गए प्रश्नों को हल करें और अपनी तैयारी जांचें)
Q1. (लघु) यदि त्रिभुज ABC में DE || BC है, और AD = 1.5 सेमी, DB = 3 सेमी, AE = 1 सेमी है, तो EC का मान ज्ञात कीजिए।
👁️
उत्तर देखें
हल (कदम-दर-कदम):
1. थेल्स प्रमेय (आधारभूत आनुपातिकता प्रमेय) के अनुसार, यदि किसी त्रिभुज में एक भुजा के समांतर रेखा खींची जाए, तो वह अन्य दो भुजाओं को समान अनुपात में बांटती है।
2. चूँकि DE || BC है, इसलिए:
AD / DB = AE / EC
3. अब मान रखते हैं:
1.5 / 3 = 1 / EC
4. दशमलव हटाने के लिए 1.5 को 3 से भाग दें, तो 1/2 आता है।
1 / 2 = 1 / EC
5. तिरछा गुणा (Cross multiply) करने पर:
EC × 1 = 2 × 1
EC = 2 सेमी
निष्कर्ष:
अतः EC की लंबाई 2 सेमी है।
1. थेल्स प्रमेय (आधारभूत आनुपातिकता प्रमेय) के अनुसार, यदि किसी त्रिभुज में एक भुजा के समांतर रेखा खींची जाए, तो वह अन्य दो भुजाओं को समान अनुपात में बांटती है।
2. चूँकि DE || BC है, इसलिए:
AD / DB = AE / EC
3. अब मान रखते हैं:
1.5 / 3 = 1 / EC
4. दशमलव हटाने के लिए 1.5 को 3 से भाग दें, तो 1/2 आता है।
1 / 2 = 1 / EC
5. तिरछा गुणा (Cross multiply) करने पर:
EC × 1 = 2 × 1
EC = 2 सेमी
निष्कर्ष:
अतः EC की लंबाई 2 सेमी है।
Q2. (लघु) दो समरूप त्रिभुजों की भुजाओं का अनुपात 4 : 9 है। इन त्रिभुजों के क्षेत्रफलों का अनुपात क्या होगा?
👁️
उत्तर देखें
हल (कदम-दर-कदम):
1. नियम: दो समरूप त्रिभुजों के क्षेत्रफलों का अनुपात उनकी संगत भुजाओं के अनुपात के वर्ग (Square) के बराबर होता है।
2. भुजाओं का अनुपात = 4 / 9
3. क्षेत्रफलों का अनुपात = (4 / 9)²
4. (4)² = 16
(9)² = 81
निष्कर्ष:
अतः क्षेत्रफलों का अनुपात 16 : 81 होगा।
1. नियम: दो समरूप त्रिभुजों के क्षेत्रफलों का अनुपात उनकी संगत भुजाओं के अनुपात के वर्ग (Square) के बराबर होता है।
2. भुजाओं का अनुपात = 4 / 9
3. क्षेत्रफलों का अनुपात = (4 / 9)²
4. (4)² = 16
(9)² = 81
निष्कर्ष:
अतः क्षेत्रफलों का अनुपात 16 : 81 होगा।
Q3. (लघु) एक सीढ़ी दीवार पर इस प्रकार टिकी है कि उसका निचला सिरा दीवार से 2.5 मीटर की दूरी पर है और उसका ऊपरी सिरा जमीन से 6 मीटर की ऊँचाई पर बनी खिड़की तक पहुँचता है। सीढ़ी की लंबाई ज्ञात कीजिए।
👁️
उत्तर देखें
हल (कदम-दर-कदम):
1. यह एक समकोण त्रिभुज बनेगा जहाँ:
आधार (दीवार से दूरी) = 2.5 मीटर
लंब (ऊँचाई) = 6 मीटर
कर्ण (सीढ़ी की लंबाई) = ?
2. पाइथागोरस प्रमेय से:
(कर्ण)² = (आधार)² + (लंब)²
(कर्ण)² = (2.5)² + (6)²
3. (कर्ण)² = 6.25 + 36
(कर्ण)² = 42.25
4. कर्ण = √42.25
6.5 × 6.5 = 42.25 होता है।
निष्कर्ष:
अतः सीढ़ी की लंबाई 6.5 मीटर है।
1. यह एक समकोण त्रिभुज बनेगा जहाँ:
आधार (दीवार से दूरी) = 2.5 मीटर
लंब (ऊँचाई) = 6 मीटर
कर्ण (सीढ़ी की लंबाई) = ?
2. पाइथागोरस प्रमेय से:
(कर्ण)² = (आधार)² + (लंब)²
(कर्ण)² = (2.5)² + (6)²
3. (कर्ण)² = 6.25 + 36
(कर्ण)² = 42.25
4. कर्ण = √42.25
6.5 × 6.5 = 42.25 होता है।
निष्कर्ष:
अतः सीढ़ी की लंबाई 6.5 मीटर है।
Q4. (लघु) त्रिभुज ABC एक समद्विबाहु त्रिभुज है जिसका कोण C समकोण है (90°)। सिद्ध कीजिए कि AB² = 2AC² है।
👁️
उत्तर देखें
हल (कदम-दर-कदम):
1. दिया है: त्रिभुज ABC में कोण C = 90° है।
और यह समद्विबाहु (Isosceles) है, इसका मतलब दो भुजाएँ बराबर हैं।
कर्ण (AB) सबसे बड़ी भुजा होती है, इसलिए बाकी दो भुजाएँ ही बराबर होंगी।
अतः AC = BC
2. पाइथागोरस प्रमेय से:
AB² = AC² + BC²
3. चूँकि BC = AC है, तो हम BC की जगह AC लिख सकते हैं:
AB² = AC² + AC²
AB² = 2AC²
निष्कर्ष:
यही सिद्ध करना था।
1. दिया है: त्रिभुज ABC में कोण C = 90° है।
और यह समद्विबाहु (Isosceles) है, इसका मतलब दो भुजाएँ बराबर हैं।
कर्ण (AB) सबसे बड़ी भुजा होती है, इसलिए बाकी दो भुजाएँ ही बराबर होंगी।
अतः AC = BC
2. पाइथागोरस प्रमेय से:
AB² = AC² + BC²
3. चूँकि BC = AC है, तो हम BC की जगह AC लिख सकते हैं:
AB² = AC² + AC²
AB² = 2AC²
निष्कर्ष:
यही सिद्ध करना था।
Q5. (लघु) किसी समबाहु त्रिभुज (Equilateral Triangle) की भुजा 2a है। उसके शीर्षलंब (Altitude) की लंबाई ज्ञात कीजिए।
👁️
उत्तर देखें
हल (कदम-दर-कदम):
1. माना त्रिभुज ABC है जिसकी प्रत्येक भुजा 2a है।
AD एक शीर्षलंब है जो आधार BC को दो बराबर भागों में बाँटता है।
इसलिए, BD = a और DC = a (क्योंकि पूरा BC = 2a है)।
2. त्रिभुज ABD एक समकोण त्रिभुज है।
पाइथागोरस प्रमेय से:
AB² = AD² + BD²
(2a)² = AD² + (a)²
3. 4a² = AD² + a²
AD² = 4a² - a²
AD² = 3a²
AD = √(3a²)
AD = a√3
निष्कर्ष:
अतः शीर्षलंब की लंबाई a√3 है।
1. माना त्रिभुज ABC है जिसकी प्रत्येक भुजा 2a है।
AD एक शीर्षलंब है जो आधार BC को दो बराबर भागों में बाँटता है।
इसलिए, BD = a और DC = a (क्योंकि पूरा BC = 2a है)।
2. त्रिभुज ABD एक समकोण त्रिभुज है।
पाइथागोरस प्रमेय से:
AB² = AD² + BD²
(2a)² = AD² + (a)²
3. 4a² = AD² + a²
AD² = 4a² - a²
AD² = 3a²
AD = √(3a²)
AD = a√3
निष्कर्ष:
अतः शीर्षलंब की लंबाई a√3 है।
Q6. (लघु) ΔABC और ΔDEF समरूप हैं। यदि कोण A = 47° और कोण E = 83° है, तो कोण C का मान ज्ञात कीजिए।
👁️
उत्तर देखें
हल (कदम-दर-कदम):
1. चूँकि ΔABC ∼ ΔDEF (समरूप हैं), तो संगत कोण बराबर होते हैं।
कोण A = कोण D = 47°
कोण B = कोण E = 83°
कोण C = कोण F
2. हमें त्रिभुज ABC के दो कोण पता चल गए:
∠A = 47°
∠B = 83° (क्योंकि ∠E = 83° है)
3. त्रिभुज के तीनों कोणों का योग 180° होता है।
∠A + ∠B + ∠C = 180°
47° + 83° + ∠C = 180°
130° + ∠C = 180°
∠C = 180° - 130°
∠C = 50°
निष्कर्ष:
अतः कोण C का मान 50° है।
1. चूँकि ΔABC ∼ ΔDEF (समरूप हैं), तो संगत कोण बराबर होते हैं।
कोण A = कोण D = 47°
कोण B = कोण E = 83°
कोण C = कोण F
2. हमें त्रिभुज ABC के दो कोण पता चल गए:
∠A = 47°
∠B = 83° (क्योंकि ∠E = 83° है)
3. त्रिभुज के तीनों कोणों का योग 180° होता है।
∠A + ∠B + ∠C = 180°
47° + 83° + ∠C = 180°
130° + ∠C = 180°
∠C = 180° - 130°
∠C = 50°
निष्कर्ष:
अतः कोण C का मान 50° है।
Q7. (लघु) 10 मीटर लंबी एक सीढ़ी एक दीवार पर टिकाने पर भूमि से 8 मीटर की ऊँचाई पर स्थित एक खिड़की तक पहुँचती है। दीवार के आधार से सीढ़ी के निचले सिरे की दूरी ज्ञात कीजिए।
👁️
उत्तर देखें
हल (कदम-दर-कदम):
1. यह पाइथागोरस प्रमेय का सवाल है।
कर्ण (सीढ़ी) = 10 मीटर
लंब (दीवार की ऊँचाई) = 8 मीटर
आधार (दूरी) = ?
2. सूत्र: (कर्ण)² = (लंब)² + (आधार)²
(10)² = (8)² + (आधार)²
100 = 64 + (आधार)²
100 - 64 = (आधार)²
36 = (आधार)²
आधार = √36
आधार = 6
निष्कर्ष:
अतः दीवार से सीढ़ी की दूरी 6 मीटर है।
1. यह पाइथागोरस प्रमेय का सवाल है।
कर्ण (सीढ़ी) = 10 मीटर
लंब (दीवार की ऊँचाई) = 8 मीटर
आधार (दूरी) = ?
2. सूत्र: (कर्ण)² = (लंब)² + (आधार)²
(10)² = (8)² + (आधार)²
100 = 64 + (आधार)²
100 - 64 = (आधार)²
36 = (आधार)²
आधार = √36
आधार = 6
निष्कर्ष:
अतः दीवार से सीढ़ी की दूरी 6 मीटर है।
Q8. (दीर्घ) एक हवाई जहाज एक हवाई अड्डे से उत्तर की ओर 1000 किमी/घंटा की चाल से उड़ता है। इसी समय एक अन्य हवाई जहाज उसी हवाई अड्डे से पश्चिम की ओर 1200 किमी/घंटा की चाल से उड़ता है। 1½ घंटे (डेढ़ घंटे) के बाद दोनों हवाई जहाजों के बीच की दूरी कितनी होगी?
👁️
उत्तर देखें
हल (कदम-दर-कदम):
1. समय = 1½ घंटे = 1.5 घंटे (या 3/2 घंटे)
2. पहले जहाज (उत्तर दिशा) द्वारा तय दूरी:
दूरी = चाल × समय
= 1000 × 1.5 = 1500 किमी (यह लंब है)
3. दूसरे जहाज (पश्चिम दिशा) द्वारा तय दूरी:
दूरी = चाल × समय
= 1200 × 1.5 = 1800 किमी (यह आधार है)
4. अब दोनों जहाजों के बीच की सीधी दूरी (कर्ण) निकालनी है।
पाइथागोरस प्रमेय से:
(दूरी)² = (1500)² + (1800)²
(दूरी)² = 2250000 + 3240000
(दूरी)² = 5490000
5. दूरी = √5490000
= √(90000 × 61)
= 300√61 किमी
निष्कर्ष:
अतः दोनों जहाजों के बीच की दूरी 300√61 किमी होगी।
1. समय = 1½ घंटे = 1.5 घंटे (या 3/2 घंटे)
2. पहले जहाज (उत्तर दिशा) द्वारा तय दूरी:
दूरी = चाल × समय
= 1000 × 1.5 = 1500 किमी (यह लंब है)
3. दूसरे जहाज (पश्चिम दिशा) द्वारा तय दूरी:
दूरी = चाल × समय
= 1200 × 1.5 = 1800 किमी (यह आधार है)
4. अब दोनों जहाजों के बीच की सीधी दूरी (कर्ण) निकालनी है।
पाइथागोरस प्रमेय से:
(दूरी)² = (1500)² + (1800)²
(दूरी)² = 2250000 + 3240000
(दूरी)² = 5490000
5. दूरी = √5490000
= √(90000 × 61)
= 300√61 किमी
निष्कर्ष:
अतः दोनों जहाजों के बीच की दूरी 300√61 किमी होगी।
Q9. (दीर्घ) 6 मीटर लंबाई वाले एक ऊर्ध्वाधर स्तंभ (Pole) की भूमि पर छाया की लंबाई 4 मीटर है। जबकि उसी समय एक मीनार (Tower) की छाया की लंबाई 28 मीटर है। मीनार की ऊँचाई ज्ञात कीजिए।
👁️
उत्तर देखें
हल (कदम-दर-कदम):
1. "उसी समय" का मतलब है कि सूर्य का उन्नयन कोण दोनों के लिए समान है। इसलिए दोनों त्रिभुज समरूप (Similar) होंगे。
2. माना मीनार की ऊँचाई = h मीटर
स्तंभ की ऊँचाई = 6 मीटर
स्तंभ की छाया = 4 मीटर
मीनार की छाया = 28 मीटर
3. समरूप त्रिभुजों की भुजाएँ समानुपाती होती हैं:
(मीनार की ऊँचाई) / (स्तंभ की ऊँचाई) = (मीनार की छाया) / (स्तंभ की छाया)
4. h / 6 = 28 / 4
5. दाहिने पक्ष को हल करें: 28 / 4 = 7
h / 6 = 7
6. तिरछा गुणा करें:
h = 7 × 6
h = 42 मीटर
निष्कर्ष:
अतः मीनार की ऊँचाई 42 मीटर है।
1. "उसी समय" का मतलब है कि सूर्य का उन्नयन कोण दोनों के लिए समान है। इसलिए दोनों त्रिभुज समरूप (Similar) होंगे。
2. माना मीनार की ऊँचाई = h मीटर
स्तंभ की ऊँचाई = 6 मीटर
स्तंभ की छाया = 4 मीटर
मीनार की छाया = 28 मीटर
3. समरूप त्रिभुजों की भुजाएँ समानुपाती होती हैं:
(मीनार की ऊँचाई) / (स्तंभ की ऊँचाई) = (मीनार की छाया) / (स्तंभ की छाया)
4. h / 6 = 28 / 4
5. दाहिने पक्ष को हल करें: 28 / 4 = 7
h / 6 = 7
6. तिरछा गुणा करें:
h = 7 × 6
h = 42 मीटर
निष्कर्ष:
अतः मीनार की ऊँचाई 42 मीटर है।
Q10. (दीर्घ) सिद्ध कीजिए कि एक समचतुर्भुज (Rhombus) की भुजाओं के वर्गों का योग उसके विकर्णों (Diagonals) के वर्गों के योग के बराबर होता है। (संख्यात्मक उदाहरण के साथ समझाइए)
👁️
उत्तर देखें
हल (कदम-दर-कदम):
1. नियम: समचतुर्भुज के विकर्ण एक-दूसरे को 90 डिग्री (समकोण) पर समद्विभाजित (आधा-आधा) करते हैं。
2. माना समचतुर्भुज ABCD है जिसकी भुजा AB है और विकर्ण AC और BD बिंदु O पर काटते हैं।
तो, त्रिभुज AOB एक समकोण त्रिभुज है।
पाइथागोरस प्रमेय से:
AB² = OA² + OB²
3. क्योंकि O मध्य बिंदु है:
OA = (1/2)AC
OB = (1/2)BD
4. मान रखने पर:
AB² = [(1/2)AC]² + [(1/2)BD]²
AB² = (1/4)AC² + (1/4)BD²
5. 4 से गुणा करने पर:
4AB² = AC² + BD²
6. चूँकि समचतुर्भुज की चारों भुजाएँ बराबर होती हैं (AB = BC = CD = DA), तो 4AB² का मतलब चारों भुजाओं के वर्गों का योग है।
AB² + BC² + CD² + DA² = AC² + BD²
निष्कर्ष:
अतः सिद्ध हुआ कि भुजाओं के वर्गों का योग विकर्णों के वर्गों के योग के बराबर होता है।
1. नियम: समचतुर्भुज के विकर्ण एक-दूसरे को 90 डिग्री (समकोण) पर समद्विभाजित (आधा-आधा) करते हैं。
2. माना समचतुर्भुज ABCD है जिसकी भुजा AB है और विकर्ण AC और BD बिंदु O पर काटते हैं।
तो, त्रिभुज AOB एक समकोण त्रिभुज है।
पाइथागोरस प्रमेय से:
AB² = OA² + OB²
3. क्योंकि O मध्य बिंदु है:
OA = (1/2)AC
OB = (1/2)BD
4. मान रखने पर:
AB² = [(1/2)AC]² + [(1/2)BD]²
AB² = (1/4)AC² + (1/4)BD²
5. 4 से गुणा करने पर:
4AB² = AC² + BD²
6. चूँकि समचतुर्भुज की चारों भुजाएँ बराबर होती हैं (AB = BC = CD = DA), तो 4AB² का मतलब चारों भुजाओं के वर्गों का योग है।
AB² + BC² + CD² + DA² = AC² + BD²
निष्कर्ष:
अतः सिद्ध हुआ कि भुजाओं के वर्गों का योग विकर्णों के वर्गों के योग के बराबर होता है।
📘 यह MCQ टेस्ट बोर्ड परीक्षा पैटर्न पर आधारित है।
⏱️ समय: 50 मिनट | ❓ प्रश्न: 50 | 📊 तुरंत परिणाम
⏳
50:00
0 / 50
🏆
📊 Test Result
0 / 50
Score: 0%
Comments
Post a Comment