कक्षा 10
📝 Ayush Study Point में आप सभी छात्रों का स्वागत हैं 🚀 FREE में बिहार बोर्ड परीक्षा की तैयारी करें 📝 सभी विषयों के नोट्स पढ़ें 🔥 वस्तुनिष्ट, लघु उत्तरीय और दीर्घ उत्तरीय प्रश्नों की तैयारी करें 🔥 MCQs Test दें और अपना मूल्यांकन करें। धन्यवाद !

4.नाखून क्यों बढ़ते हैं Notes

अध्याय 4: नाखून क्यों बढ़ते हैं

गोधूलि भाग-2 (ललित निबंध - हजारी प्रसाद द्विवेदी)

पाठ परिचय: प्रस्तुत पाठ 'नाखून क्यों बढ़ते हैं' एक प्रसिद्ध ललित निबंध है। इसमें लेखक ने नाखून बढ़ने को पशुता (जानवरपन) की निशानी और उन्हें काटने को मनुष्यता (इंसानियत) की निशानी माना है।

1. लेखक परिचय: हजारी प्रसाद द्विवेदी

जीवन परिचय: आचार्य हजारी प्रसाद द्विवेदी का जन्म 1907 ई. में 'आरत दुबे का छपरा' (बलिया, उत्तर प्रदेश) में हुआ था। वे हिंदी साहित्य के महान निबंधकार और आलोचक थे।

महत्वपूर्ण रचनाएँ:
  • निबंध: अशोक के फूल, कल्पलता।
  • उपन्यास: बाणभट्ट की आत्मकथा, अनामदास का पोथा।
  • सम्मान: उन्हें 'साहित्य अकादमी पुरस्कार' और 'पद्म भूषण' से सम्मानित किया गया।
  • निधन: 1979 ई. (दिल्ली)।

2. एक छोटी बच्ची का प्रश्न

एक दिन लेखक की छोटी लड़की ने उनसे पूछा- "पापा, नाखून क्यों बढ़ते हैं?" इस बाल-सुलभ प्रश्न ने लेखक को गहरे चिंतन में डाल दिया।

लेखक सोचते हैं कि आदिमानव (जंगली मनुष्य) के लिए नाखून ही उसके सबसे प्रमुख हथियार थे। उसे अपनी रक्षा के लिए नाखूनों की जरूरत थी। लेकिन आज का सभ्य मनुष्य नाखूनों को काटता है, फिर भी प्रकृति उसे नाखून बढ़ाकर उसकी "पशुता" की याद दिलाती रहती है।

3. पशुता और मनुष्यता में संघर्ष

(क) नाखून बढ़ना (पशुता)

नाखूनों का बढ़ना मनुष्य की सहजात वृत्ति (जन्मजात आदत) है। यह हमारी पुरानी जंगली आदतों का प्रतीक है।

प्रतीक: हिंसा, क्रूरता और बर्बरता।

(ख) नाखून काटना (मनुष्यता)

नाखूनों को बार-बार काटना मनुष्य की इच्छाशक्ति का प्रतीक है। मनुष्य पशु बनकर नहीं रहना चाहता।

प्रतीक: संयम, त्याग, प्रेम और संस्कृति।

4. 'इंडिपेंडेंस' बनाम 'स्वाधीनता'

लेखक ने एक महत्वपूर्ण भाषाई भेद को स्पष्ट किया है:

  • इंडिपेंडेंस (Independence): इसका अर्थ है 'अनधीनता' (किसी के अधीन न होना)।
  • स्वाधीनता (Self-dependence): इसका अर्थ है 'स्व' के अधीन होना। भारतीय संस्कृति की विशेषता है कि हम अपने ऊपर खुद का बंधन (Self-discipline) स्वीकार करते हैं।

यही 'स्व' का बंधन मनुष्य को पशु से अलग करता है।

विशेष तथ्य: दधीचि की हड्डियाँ

लेखक बताते हैं कि देवताओं के राजा इंद्र का वज्र महर्षि दधीचि की हड्डियों से बना था। यह त्याग और बलिदान का प्रतीक है, जबकि नाखून हिंसा का प्रतीक हैं।

परीक्षा सारांश (Exam Highlights)

  • प्रश्न: नाखून क्यों बढ़ते हैं? (यह प्रश्न लेखक की छोटी बेटी ने पूछा)।
  • उत्तर: यह हमारी पशुता के अवशेष हैं।
  • लेखक का संदेश: "कमबख्त नाखून बढ़ते हैं तो बढ़ें, मनुष्य उन्हें बढ़ने नहीं देगा।" (अर्थात मनुष्य बुराइयों को पनपने नहीं देगा)।
  • प्रमुख शब्द: सहजात वृत्ति (अनजान स्मृतियाँ)।

Comments

Popular posts from this blog

कक्षा 10 गणित अध्याय 1 वास्तविक संख्याएँ – नोट्स, प्रश्न उत्तर व MCQ टेस्ट

इतिहास अध्याय–1 : यूरोप में राष्ट्रवाद | Class 10 History Notes (CBSE & Bihar Board)

इतिहास अध्याय–8 : प्रेस, संस्कृति एवं राष्ट्रवाद | Class 10 History Notes (CBSE & Bihar Board)