कक्षा 10
📝 Ayush Study Point में आप सभी छात्रों का स्वागत हैं 🚀 FREE में बिहार बोर्ड परीक्षा की तैयारी करें 📝 सभी विषयों के नोट्स पढ़ें 🔥 वस्तुनिष्ट, लघु उत्तरीय और दीर्घ उत्तरीय प्रश्नों की तैयारी करें 🔥 MCQs Test दें और अपना मूल्यांकन करें। धन्यवाद !

8.कर्मवीर कथा

संस्कृत (पीयूषम्)

अष्टमः पाठः : कर्मवीर कथा

बिहार बोर्ड कक्षा 10 - हिन्दी अनुवाद एवं प्रश्न-उत्तर

पाठ परिचय

इस पाठ में बिहार के 'भीखनटोला' गाँव के एक दलित बालक रामप्रवेश राम की सच्ची प्रेरक कहानी है। वह अपने उत्साह, परिश्रम और विद्या-प्राप्ति से केंद्रीय लोक सेवा परीक्षा में सफल होकर उच्च प्रशासनिक पद तक पहुँचा। कहानी का संदेश है - निराश न हों, उत्साह से सब कुछ संभव है।

गद्यांश एवं हिन्दी अनुवाद

भीखनटोला गाँव और परिवार

अस्ति बिहारराज्यस्य दुर्गमप्राये प्रान्तरे 'भीखनटोला' नाम ग्रामः। निवसन्ति स्म तत्रातिनिर्धनाः शिक्षाविहीनाः क्लिष्टजीवनाः जनाः। ... परिवारे स्वयं गृहस्वामी, तस्य भार्या तयोरेकः पुत्रः कनीयसी दुहिता चेत्यासन्।

हिन्दी अनुवाद: बिहार के दुर्गम क्षेत्र में 'भीखनटोला' गाँव है। वहाँ अत्यंत गरीब, अशिक्षित और कठिन जीवन जीने वाले लोग रहते थे। एक व्यक्ति का परिवार गाँव के बाहर एक जीर्ण-शीर्ण झोपड़ी में रहता था जो केवल धूप से बचाती थी, बारिश से नहीं। परिवार में घर का मालिक, उसकी पत्नी, एक पुत्र और एक छोटी बेटी थी।

शिक्षक का आगमन और बालक की शिक्षा

तस्माद् ग्रामात् क्रोशमात्रदूरं प्राथमिको विद्यालयः प्रशासनेन संस्थापितः। तत्रैको नवीनदृष्टिसम्पन्नः सामाजिकसामरस्यरसिकः शिक्षकः समागतः। ... बालकोऽपि तस्य शिक्षणशैल्याकृष्टः... निरन्तरमध्यवसायेन विद्याधिगमाय निरतोऽभवत्।

हिन्दी अनुवाद: गाँव से एक कोस दूर सरकार ने प्राथमिक विद्यालय खोला। वहाँ एक नवीन दृष्टि वाले और सामाजिक समरसता के पक्षधर शिक्षक आए। उन्होंने खेलते हुए दलित बालक को देखकर उसके आकर्षक स्वभाव से प्रभावित होकर उसे विद्यालय में लाकर स्वयं पढ़ाना शुरू किया। बालक भी उनकी शिक्षण-शैली से आकर्षित होकर, 'शिक्षा ही जीवन की परम गति है' मानते हुए, लगातार परिश्रम से विद्या-प्राप्ति में लग गया।

महाविद्यालय में सफलता

क्रमशः उच्चविद्यालयं गतस्तस्यैव शिक्षकस्याध्यापनेन स्वाध्यवसायेन च प्राथम्यं प्राप। ... पित्रोरर्थाभावेऽपि छात्रवृत्त्या कनीयश्छात्राणां शिक्षणलब्धेन धनेन च नगरगते महाविद्यालये प्रवेशमलभत।

हिन्दी अनुवाद: धीरे-धीरे उसने उच्च विद्यालय में उसी शिक्षक के पढ़ाने और अपने परिश्रम से प्रथम स्थान पाया। "छात्रों का अध्ययन ही तपस्या है" - गुरु के बार-बार इस उपदेश से प्रेरित होकर, माता-पिता के पास धन न होने पर भी छात्रवृत्ति और छोटे बच्चों को पढ़ाकर कमाए धन से शहर के महाविद्यालय में प्रवेश ले लिया।

रामप्रवेश राम का उदय

तत्रापि गुरूणां प्रियः सन् सततं पुस्तकालये स्ववर्गे च सदावहितचेतसा अकृतकालक्षेपः स्वाध्यायनिरतोऽभूत्। ... सर्वत्र 'रामप्रवेशराम' इति शब्दः श्रूयते स्म नगरे विश्वविद्यालयपरिसरे च।

हिन्दी अनुवाद: महाविद्यालय में भी वह गुरुओं का प्रिय बन गया और लगातार पुस्तकालय और कक्षा में समय बर्बाद किए बिना स्वाध्याय में लगा रहा। उसने पुस्तकालय की बहुत सी पुस्तकों को अच्छी तरह पढ़ा। स्नातक परीक्षा में विश्वविद्यालय में प्रथम स्थान पाकर अपने महाविद्यालय की प्रसिद्धि बढ़ाई। शहर और विश्वविद्यालय में सब जगह 'रामप्रवेश राम' का नाम गूँजने लगा।

केंद्रीय लोक सेवा परीक्षा में सफलता

वर्षान्तरेऽसौ केन्द्रीयलोकसेवापरीक्षायामपि स्वाध्यवसायेन व्यापकविषयज्ञानेन च उन्नतं स्थानमवाप। साक्षात्कारे च समितिसदस्यास्तस्य व्यापकेन ज्ञानेन... परं प्रीताः अभूवन्।

हिन्दी अनुवाद: एक वर्ष बाद केंद्रीय लोक सेवा परीक्षा (IAS) में भी अपने परिश्रम और व्यापक ज्ञान से उच्च स्थान प्राप्त किया। साक्षात्कार में समिति के सदस्य उसके व्यापक ज्ञान और विशेषकर ऐसे कठिन पारिवारिक परिवेश में किए गए परिश्रम से बहुत प्रसन्न हुए।

कर्मवीर की प्रसिद्धि

अद्य रामप्रवेशरामस्य प्रतिष्ठा स्वप्रान्ते केन्द्रप्रशासने च प्रभूता वर्तते। ... सत्यमुक्तम्- उद्योगिनं पुरुषसिंहमुपैति लक्ष्मीः।

हिन्दी अनुवाद: आज रामप्रवेश राम की प्रतिष्ठा अपने राज्य और केंद्र सरकार में बहुत है। उनकी प्रशासन क्षमता और संकट में निर्णय लेने की क्षमता सबके लिए आकर्षक है। निश्चय ही यह कर्मवीर बाधाओं को पार करके प्रशासन में लोकप्रिय हुआ। सही कहा गया है - परिश्रमी पुरुष को ही लक्ष्मी (सफलता) मिलती है।

1. शब्दार्थ (Word Meanings)

संस्कृत शब्द हिन्दी अर्थ
क्लिष्टजीवनाः कठिन जीवन जीने वाले
जीर्णप्रायत्वात् जर्जर होने के कारण
नवीनदृष्टिसम्पन्नः नई सोच वाला
आपातरमणीयेन सहज आकर्षक
अकृतकालक्षेपः समय नष्ट न करने वाला
आत्मसात् अच्छी तरह पढ़ लेना
प्रभूता बहुत अधिक

अभ्यासः (मौखिक)

एक पदेन उत्तरत (एक शब्द में उत्तर दें):

  • 🔹 कर्मवीरः कः अस्ति? (कर्मवीर कौन है?) - रामप्रवेशरामः
  • 🔹 बिहारप्रान्तस्य ग्रामः कः? - भीखनटोला
  • 🔹 बालकः कुत्र उन्नतं स्थानं प्राप्तवान्? - केन्द्रीयलोकसेवापरीक्षायाम्
  • 🔹 केन कर्मवीरः उन्नतं स्थानमवाप? - स्वाध्यवसायेन (परिश्रम से)
  • 🔹 उद्योगिनं जनं का उपैति? - लक्ष्मीः

अभ्यासः (लिखित)

1. एकपदेन उत्तरं लिखत

  • रामप्रवेशस्य ग्रामस्य नाम किम्? उत्तर: भीखनटोला
  • भीखनटोलां द्रष्टुं कः आगतः? उत्तर: शिक्षकः
  • बालकः कस्य शिक्षणशैल्या आकृष्टः? उत्तर: शिक्षकस्य
  • स्नातकपरीक्षायां कस्य ख्यातिमवर्धयत्? उत्तर: स्वमहाविद्यालयस्य
  • लक्ष्मीः कं जनम् उपैति? उत्तर: उद्योगिनं पुरुषसिंहम्

2. पूर्णवाक्येन उत्तरत

(क) 'भीखनटोला' ग्रामः कुत्र अस्ति?
उत्तर: 'भीखनटोला' ग्रामः बिहारराज्यस्य दुर्गमप्राये प्रान्तरे अस्ति।

(ख) प्राथमिकविद्यालये कीदृशः शिक्षकः समागतः?
उत्तर: प्राथमिकविद्यालये नवीनदृष्टिसम्पन्नः सामाजिकसामरस्यरसिकः शिक्षकः समागतः।

(ग) रामप्रवेशः कस्यां परीक्षायाम् उन्नतं स्थानमवाप?
उत्तर: रामप्रवेशः केन्द्रीयलोकसेवापरीक्षायाम् उन्नतं स्थानमवाप।

(घ) पित्रोः अर्थाभावेऽपि रामप्रवेशः कथं प्रवेशमलभत?
उत्तर: पित्रोः अर्थाभावेऽपि रामप्रवेशः छात्रवृत्त्या कनीयश्छात्राणां शिक्षणलब्धेन धनेन च महाविद्यालये प्रवेशमलभत।

(ङ) लक्ष्मीः कीदृशं जनम् उपैति?
उत्तर: लक्ष्मीः उद्योगिनं पुरुषसिंहं जनम् उपैति।

3. संधि-विच्छेद

  • पाठेऽस्मिन् = पाठे + अस्मिन्
  • निजोत्साहेन = निज + उत्साहेन
  • तत्रातिनिर्धनाः = तत्र + अतिनिर्धनाः
  • न्यवसत् = नि + अवसत्
  • बालकोऽपि = बालकः + अपि
  • शिक्षणशैल्याकृष्टः = शिक्षणशैल्या + आकृष्टः
  • विद्याधिगमाय = विद्या + अधिगमाय

4. समास-विग्रह

  • कर्मवीरः = कर्मणि वीरः (सप्तमी तत्पुरुष)
  • शिक्षाविहीनाः = शिक्षया विहीनाः (तृतीया तत्पुरुष)
  • अकृतकालक्षेपः = न कृतः कालस्य क्षेपः येन सः (नञ् बहुव्रीहि)
  • दलितबालकम् = दलितः च असौ बालकः (कर्मधारय)
  • पुरुषसिंहम् = पुरुषः सिंहः इव (उपमान कर्मधारय)

प्रेरक उद्धरण

"उद्योगिनं पुरुषसिंहमुपैति लक्ष्मीः"

(परिश्रमी पुरुष को ही सफलता मिलती है)

-- कक्षा 10 संस्कृत (बिहार बोर्ड) --

Comments

Popular posts from this blog

कक्षा 10 गणित अध्याय 1 वास्तविक संख्याएँ – नोट्स, प्रश्न उत्तर व MCQ टेस्ट

इतिहास अध्याय–1 : यूरोप में राष्ट्रवाद | Class 10 History Notes (CBSE & Bihar Board)

इतिहास अध्याय–8 : प्रेस, संस्कृति एवं राष्ट्रवाद | Class 10 History Notes (CBSE & Bihar Board)