6.बहादुर Notes
अध्याय 6: बहादुर
गोधूलि भाग-2 (कहानी - अमरकांत)
1. लेखक परिचय: अमरकांत
परिचय: कहानीकार अमरकांत का जन्म जुलाई 1925 ई. में बलिया (उत्तर प्रदेश) के नगरा गाँव में हुआ था। वे 'नई कहानी' आंदोलन के प्रमुख लेखक माने जाते हैं।
- कहानियाँ: 'जिंदगी और जोंक', 'देश के लोग', 'कुहासा', 'मित्र-मिलन'।
- उपन्यास: 'सूखा पत्ता', 'आकाश पक्षी', 'काले-उजले दिन'।
- सम्मान: उन्हें साहित्य अकादमी पुरस्कार से सम्मानित किया गया।
2. बहादुर का चरित्र चित्रण
परिचय: बहादुर 12-13 वर्ष का एक नेपाली लड़का था। उसका पूरा नाम 'दिल बहादुर' था।
- शारीरिक बनावट: वह ठिगना कद, गोरा रंग और चपटा मुँह वाला लड़का था। वह आधी बांह की कमीज और भूरे रंग का जूता पहनता था।
- स्वभाव: वह अत्यंत हंसमुख, मेहनती और ईमानदार था।
- घर छोड़ने का कारण: एक बार उसने अपनी माँ की प्यारी भैंस को बहुत मारा था। माँ ने गुस्से में उसे पीटा, जिससे दुखी होकर वह घर से भाग गया।
3. लेखक के घर में बहादुर का जीवन
(क) शुरुआती दिन
शुरुआत में लेखक की पत्नी निर्मला और बेटा किशोर उसे बहुत मानते थे। निर्मला ने ही उसके नाम से 'दिल' शब्द हटाकर उसे 'बहादुर' कहना शुरू किया था।
(ख) बदलाव और प्रताड़ना
धीरे-धीरे घर का माहौल बदल गया।
- किशोर: छोटी-छोटी गलतियों पर उसे गालियाँ देता और मारता-पीटता।
- निर्मला: वह भी उसे डांटने लगी और रोटियाँ खुद बनाने का आदेश दे दिया।
- झूठा आरोप: एक दिन रिश्तेदारों ने उस पर 11 रुपये चोरी करने का झूठा इल्जाम लगा दिया।
4. अंत: पश्चाताप के आँसू
मारपीट और अपमान से तंग आकर एक दिन बहादुर अपना सामान और तनख्वाह के पैसे लिए बिना ही घर छोड़कर चला गया।
उसके जाने के बाद घर सूना हो गया। निर्मला, किशोर और लेखक सभी को अपनी गलती का अहसास हुआ और वे फूट-फूटकर रोए। लेकिन अब "पछताए होत क्या, जब चिड़िया चुग गई खेत।"
परीक्षा सारांश (Exam Highlights)
- पूरा नाम: दिल बहादुर।
- घर: नेपाल (बिहार की सीमा पर)।
- आरोप: 11 रुपये की चोरी (रिश्तेदार की पत्नी ने लगाया)।
- किशोर: लेखक का बड़ा बेटा, जो बहुत बिगड़ैल था।
- निर्मला: लेखक की पत्नी, जिसने बहादुर के प्रति अपना व्यवहार बदल लिया था।
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