कक्षा 10
📝 Ayush Study Point में आप सभी छात्रों का स्वागत हैं 🚀 FREE में बिहार बोर्ड परीक्षा की तैयारी करें 📝 सभी विषयों के नोट्स पढ़ें 🔥 वस्तुनिष्ट, लघु उत्तरीय और दीर्घ उत्तरीय प्रश्नों की तैयारी करें 🔥 MCQs Test दें और अपना मूल्यांकन करें। धन्यवाद !

4.स्वदेशी Notes

काव्य खंड - अध्याय 4: स्वदेशी

गोधूलि भाग-2 (दोहे - बद्रीनारायण चौधरी 'प्रेमघन')

पाठ परिचय: प्रस्तुत कविता 'स्वदेशी' में कवि ने भारत में फैल रही विदेशी मानसिकता पर करारा व्यंग्य किया है। कवि दुख जताते हैं कि भारतीयों ने अपनी संस्कृति छोड़कर अंग्रेजों की नकल करना शुरू कर दिया है। यह कविता उनके काव्य संग्रह 'प्रेमघन सर्वस्व' से ली गई है।

1. कवि परिचय: बद्रीनारायण चौधरी 'प्रेमघन'

परिचय: 'प्रेमघन' जी भारतेंदु युग के एक महत्वपूर्ण कवि थे। उनका जन्म 1855 ई. में मिर्जापुर (उत्तर प्रदेश) में हुआ था।

महत्वपूर्ण बिंदु:
  • पत्रिकाएँ: उन्होंने 'आनंद कादंबिनी' (मासिक) और 'नागरी नीरद' (साप्ताहिक) पत्रिकाओं का संपादन किया।
  • रचनाएँ: 'जीर्ण जनपद', 'भारत सौभाग्य', 'प्रयाग रामागमन'।
  • आदर्श: वे भारतेंदु हरिश्चंद्र को अपना आदर्श मानते थे।
  • निधन: 1922 ई. में।

2. भारतीयता की पहचान खो गई

कवि कहते हैं कि आजकल भारत में 'भारतीयता' (Indianness) कहीं दिखाई नहीं देती।

विदेशी प्रभाव:
  • वेशभूषा: लोग विदेशी कपड़े पहनते हैं।
  • भाषा: लोग आपस में अंग्रेजी बोलते हैं, हिंदी बोलने में उन्हें शर्म आती है।
  • व्यवहार: लोगों की चाल-ढाल और रीति-रिवाज सब विदेशी (अंग्रेजी) हो गए हैं।
  • "सबै बिदेसी वस्तु नर, गति रति रीत लखात। भारतीयता कछू न अब, भारत म दरसात।।"

3. डफाली और खुशामद

(क) डफाली (Dafali)

कवि ने भारतीय नेताओं और अमीरों को 'डफाली' (बाजा बजाने वाला) कहा है।
कारण: क्योंकि ये लोग अंग्रेजों की झूठी प्रशंसा (खुशामद) करते हैं और अपनी संस्कृति की रक्षा करने के बजाय विदेशी शासन का गुणगान करते हैं।

(ख) धोती ढीली-ढाली

कवि व्यंग्य करते हैं कि जिन नेताओं से अपनी ढीली-ढाली धोती (अर्थात अपना पहनावा/संस्कृति) नहीं संभलती, वे देश का शासन (प्रबंध) कैसे संभालेंगे?

4. बाजार और अर्थव्यवस्था

कवि देखते हैं कि भारत के नगर और बाजार विदेशी सामानों से भरे पड़े हैं।

  • लोगों को अब 'देसी' चीजें अच्छी नहीं लगतीं।
  • सभी को 'अंग्रेजी' (English) चीजें ही पसंद आ रही हैं।
  • यहाँ तक कि लोगों की इच्छाएँ (Abhilasha) भी अब विदेशी हो गई हैं।

परीक्षा सारांश (Exam Highlights)

  • किरिस्तान: कविता में 'किरिस्तान' (Christian) शब्द का प्रयोग अंग्रेजी संस्कृति को अपनाने वालों के लिए हुआ है।
  • रसिक समाज: प्रेमघन ने मिर्जापुर में 'रसिक समाज' की स्थापना की थी।
  • दोहा: यह कविता दोहा छंद में लिखी गई है।
  • संदेश: हमें अपनी संस्कृति और स्वदेशी वस्तुओं पर गर्व करना चाहिए।

Comments

Popular posts from this blog

कक्षा 10 गणित अध्याय 1 वास्तविक संख्याएँ – नोट्स, प्रश्न उत्तर व MCQ टेस्ट

इतिहास अध्याय–1 : यूरोप में राष्ट्रवाद | Class 10 History Notes (CBSE & Bihar Board)

इतिहास अध्याय–8 : प्रेस, संस्कृति एवं राष्ट्रवाद | Class 10 History Notes (CBSE & Bihar Board)