कक्षा 10
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1.Sanskrit Chapter-1 MCQ Test

Sanskrit MCQ Test - 50 Marks | Ayush Study Point

Sanskrit MCQ Test Chapter-1

कक्षा 10 बिहार बोर्ड परीक्षा पर आधारित
Q1. 'मङ्गलम' पाठ में कुल कितने मंत्र संकलित हैं?
उत्तर: b
व्याख्या: इस पाठ में चार उपनिषदों से कुल पाँच मंत्र लिए गए हैं।
Q2. 'हिरण्मयेन पात्रेण' से किसका मुख ढका हुआ है?
उत्तर: a
व्याख्या: 'सत्यस्यापिहितं मुखम्' - सत्य का मुख सोने जैसे पात्र से ढका है।
Q3. महान से भी महान (महतो महीयान्) क्या है?
उत्तर: c
व्याख्या: आत्मा सूक्ष्म से सूक्ष्म (अणु) और महान से महान है।
Q4. किसकी विजय नहीं होती है? (नानुतम्)
उत्तर: b
व्याख्या: 'सत्यमेव जयते नानृतम्' - अर्थात असत्य की विजय नहीं होती।
Q5. नदियाँ नाम और रूप छोड़कर कहाँ मिलती हैं?
उत्तर: b
व्याख्या: जिस प्रकार नदियाँ समुद्र में विलीन हो जाती हैं।
Q6. 'वेदाहमेतं पुरुषं महान्तम्...' मंत्र किस उपनिषद से है?
उत्तर: b
व्याख्या: यह पाठ का अंतिम मंत्र है जो श्वेताश्वतरोपनिषद से लिया गया है।
Q7. 'अणोरणीयान् महतो महीयान्' मंत्र किस उपनिषद से संकलित है?
उत्तर: b
व्याख्या: आत्मा के स्वरूप का वर्णन करने वाला यह मंत्र कठोपनिषद से है।
Q8. किसकी विजय होती है?
उत्तर: a
व्याख्या: 'सत्यमेव जयते' - हमेशा सत्य की ही जीत होती है।
Q9. 'देवयान' मार्ग का विस्तार किससे होता है?
उत्तर: b
व्याख्या: 'सत्येन पन्था विततो देवयानः' - सत्य से ही देवयान मार्ग प्रशस्त होता है।
Q10. 'पूषन्' शब्द का अर्थ यहाँ किसके लिए प्रयुक्त है?
उत्तर: b
व्याख्या: प्रार्थना में 'पूषन्' (पोषण करने वाले) सूर्यदेव को संबोधित किया गया है।
Q11. आत्मा प्राणियों के शरीर रूपी ______ में स्थित है।
उत्तर: a
व्याख्या: 'गुहायां निहितो' - आत्मा हृदय रूपी गुफा में स्थित है।
Q12. विद्वान पुरुष किसे पार कर जाते हैं?
उत्तर: a
व्याख्या: 'तमेव विदित्वा अतिमृत्युमेति' - उस परमात्मा को जानकर ही मृत्यु को पार किया जा सकता है।
Q13. 'सत्यधर्माय दृष्टये' - सत्य धर्म की प्राप्ति के लिए किसे हटा दें?
उत्तर: a
व्याख्या: सोने जैसा आवरण (पात्र) हटाने की प्रार्थना की गई है ताकि सत्य धर्म का दर्शन हो सके।
Q14. ऋषिगण सत्य के माध्यम से कहाँ पहुँचते हैं?
उत्तर: b
व्याख्या: 'यत्र तत् सत्यस्य परमं निधानम्' - जहाँ सत्य का वह श्रेष्ठ खजाना है।
Q15. आदित्य वर्ण (सूर्य के समान) कौन है?
उत्तर: b
व्याख्या: 'आदित्यवर्णं तमसः परस्तात्' - वह महान पुरुष सूर्य की तरह प्रकाशमान और अंधकार से परे है।
Q16. किसे वश में नहीं किया जा सकता?
उत्तर: a
व्याख्या: आत्मा अत्यंत सूक्ष्म और गहन है, इसे सामान्य उपायों से वश में नहीं किया जा सकता।
Q17. उपनिषद के रचनाकार कौन माने जाते हैं?
उत्तर: c
व्याख्या: वैदिक साहित्य और उपनिषदों का संकलन/रचना महर्षि वेदव्यास ने की।
Q18. उपनिषद किसका अंतिम भाग है?
उत्तर: c
व्याख्या: उपनिषद वैदिक साहित्य (वाङ्मय) के अंतिम भाग हैं, इसीलिए इन्हें 'वेदान्त' भी कहते हैं।
Q19. उपनिषद किस सिद्धांत को प्रकट करते हैं?
उत्तर: c
व्याख्या: उपनिषद भारतीय 'दर्शन शास्त्र' (Philosophy) के मूल सिद्धांतों का प्रतिपादन करते हैं।
Q20. 'यथा नद्यः स्यन्दमानाः...' मंत्र किस उपनिषद से है?
उत्तर: a
व्याख्या: नदियों के समुद्र में मिलने का दृष्टांत मुण्डकोपनिषद से लिया गया है।
Q21. जो 'अन्धकार' के बाद 'प्रकाश' स्वरूप है, वह क्या है?
उत्तर: a
व्याख्या: 'तमसः परस्तात्' - वह दिव्य पुरुष अंधकार से परे प्रकाश स्वरूप है।
Q22. सत्य का खजाना कहाँ है?
उत्तर: c
व्याख्या: 'येनाक्रमन्त्यृषयो ह्याप्तकामा यत्र तत् सत्यस्य परमं निधानम्' - देवयान मार्ग से जहाँ पहुँचा जाता है (देवलोक/ब्रह्मलोक)।
Q23. 'अक्रतुः' (कामना रहित) व्यक्ति किसे देखता है?
उत्तर: b
व्याख्या: जो कामना रहित और शोकरहित होता है, वही 'पश्यति वीतशोको धातुप्रसादान्महिमानमात्मनः'।
Q24. इस सम्पूर्ण संसार को किसने व्याप्त किया हुआ है?
उत्तर: b
व्याख्या: 'तेन सर्वमिदं ततम्' - उस परमात्मा के द्वारा ही यह सारा जगत व्याप्त है।
Q25. 'मङ्गलम' पाठ का प्रथम मंत्र किस उपनिषद से है?
उत्तर: c
व्याख्या: 'हिरण्मयेन पात्रेण...' मंत्र ईशावास्योपनिषद से लिया गया है।
Q26. साधक 'तत्' (उस) सत्य के मुख को हटाने की प्रार्थना किससे करता है?
उत्तर: a
व्याख्या: 'तत् त्वं पूषन् अपावृणु' - हे सूर्यदेव! आप उस आवरण को हटा दें।
Q27. 'नान्यः पन्था विद्यते......' रिक्त स्थान की पूर्ति करें।
उत्तर: a
व्याख्या: 'नान्यः पन्था विद्यतेऽयनाय' - इसके (ज्ञान के) अलावा मोक्ष का कोई दूसरा मार्ग नहीं है।
Q28. 'जन्तोर्र्निहितो' का सन्धि विच्छेद क्या होगा?
उत्तर: b
व्याख्या: 'जन्तोः + निहितो' (विसर्ग सन्धि), विसर्ग का 'र्' हो जाता है।
Q29. 'अपहितम्' शब्द का अर्थ है:
उत्तर: a
व्याख्या: 'अपहितम्' का अर्थ आच्छादित या ढका हुआ होता है।
Q30. 'उपैति' (दिव्यं पुरुषम् उपैति) का अर्थ क्या है?
उत्तर: b
व्याख्या: वह विद्वान दिव्य पुरुष (परमात्मा) को प्राप्त कर लेता है।
Q31. 'सत्यस्यापिहितं' में कौन सी संधि है?
उत्तर: a
व्याख्या: सत्यस्य + अपिहितम् = सत्यस्यापिहितम् (अ + अ = आ), दीर्घ स्वर संधि।
Q32. 'गुहायाम्' में कौन सी विभक्ति है?
उत्तर: c
व्याख्या: 'गुहा' (आकारांत स्त्रीलिंग) का सप्तमी एकवचन रूप 'गुहायाम्' (गुफा में) होता है।
Q33. 'नानृतम्' का संधि-विच्छेद होगा:
उत्तर: c
व्याख्या: न + अनृतम् = नानृतम् (अ + अ = आ), दीर्घ संधि।
Q34. 'अणीयान्' में कौन सा प्रत्यय है?
उत्तर: a
व्याख्या: 'अणु' शब्द से तुलना (Comparison) अर्थ में 'ईयसुन्' प्रत्यय लगकर 'अणीयान्' (अधिक सूक्ष्म) बनता है।
Q35. 'अपधृणु' में उपसर्ग क्या है?
उत्तर: a
व्याख्या: 'अपावृणु' (अप + आवृणु) - यहाँ मुख्य उपसर्ग 'अप' (हटाना) है।
Q36. 'विदित्वा' (जानकर) में कौन सा प्रत्यय प्रयुक्त है?
उत्तर: c
व्याख्या: विद् धातु + क्त्वा प्रत्यय = विदित्वा (जानकर/करके के अर्थ में)।
Q37. 'हिरण्मयेन' पद में कौन सी विभक्ति है?
उत्तर: b
व्याख्या: 'हिरण्मय' शब्द का तृतीया एकवचन रूप 'हिरण्मयेन' (सोने के द्वारा/पात्र से) है।
Q38. 'महतो' (महतो महीयान्) किस विभक्ति का रूप है?
उत्तर: a
व्याख्या: 'महत्' शब्द का पंचमी और षष्ठी एकवचन 'महतः' होता है। यहाँ 'महान से' (तुलना में) पंचमी का भाव है।
Q39. 'पश्यति' किस धातु का रूप है?
उत्तर: c
व्याख्या: मूल धातु 'दृश्' (देखना) है, जिसका लट् लकार रूप 'पश्यति' चलता है।
Q40. 'विततः' (फैला हुआ) में कौन सा प्रत्यय है?
उत्तर: a
व्याख्या: वि + तन् + क्त = विततः (भूतकालिक विशेषण)।
Q41. 'सत्यमेव' का सही संधि-विच्छेद है:
उत्तर: b
व्याख्या: 'सत्यम्' (हलंत म्) + एव = सत्यमेव (संयोग)।
Q42. 'समुद्रे' पद में कौन सी विभक्ति है?
उत्तर: a
व्याख्या: समुद्र (अकारांत पुल्लिंग) का सप्तमी एकवचन 'समुद्रे' (समुद्र में) होता है।
Q43. 'विमुक्तः' (मुक्त होकर) में कौन सा उपसर्ग है?
उत्तर: a
व्याख्या: 'वि' उपसर्ग + मुच् धातु + क्त प्रत्यय = विमुक्तः।
Q44. 'अयनाय' किस विभक्ति का रूप है?
उत्तर: b
व्याख्या: 'अयन' (मार्ग/गमन) के लिए - चतुर्थी एकवचन (रामाय की तरह अयनाय)।
Q45. 'ह्याप्तकामाः' का संधि विच्छेद है:
उत्तर: b
व्याख्या: हि + आप्तकामाः = ह्याप्तकामाः (यण संधि, 'इ' का 'य्')।
Q46. 'अक्रतुः' में कौन सा समास है?
उत्तर: a
व्याख्या: 'न क्रतुः' (जिसमें संकल्प/कामना नहीं) = अक्रतुः। (निषेध अर्थ में नञ् समास)।
Q47. 'जयते' (जीतता है) में मूल धातु क्या है?
उत्तर: b
व्याख्या: 'जि' (जीतना) धातु का आत्मनेपद लट् लकार रूप 'जयते' होता है।
Q48. 'पुरुषम्' में कौन सी विभक्ति है?
उत्तर: b
व्याख्या: 'पुरुषम्' (पुरुष को) - द्वितीया एकवचन।
Q49. 'वीतशोकः' (शोक रहित) का समास विग्रह है:
उत्तर: a
व्याख्या: 'जिसका शोक चला गया है वह' - बहुव्रीहि समास।
Q50. 'नाम-रूपे' (नाम और रूप) में कौन सा समास है?
उत्तर: a
व्याख्या: 'नाम च रूपं च' = नामरूपे (द्वन्द्व समास)।

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